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रवि पुष्य नक्षत्र 2026: आज बन रहा है शुभ संयोग, खरीदारी और नए कार्यों के लिए माना जाता है बेहद खास

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ नक्षत्रों में माना जाता है। जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है, तो इसे रवि पुष्य योग कहा जाता है। वर्ष 2026 में 1 नवंबर, रविवार को यह विशेष संयोग बन रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रवि पुष्य योग को सुख-समृद्धि, शुभ कार्यों की शुरुआत और नई खरीदारी के लिए विशेष महत्व दिया जाता है।

क्या होता है रवि पुष्य योग?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को शुभ और कल्याणकारी माना गया है। जब पुष्य नक्षत्र रविवार के दिन पड़ता है, तब रवि पुष्य योग का निर्माण होता है।

मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

खरीदारी के लिए क्यों खास माना जाता है यह दिन?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रवि पुष्य योग में सोना-चांदी, आभूषण, वाहन और घर के उपयोग की नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है।

इसके अलावा लोग इस अवसर पर नए व्यापार, निवेश से जुड़ी योजनाओं और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत करना भी पसंद करते हैं।

हालांकि ये सभी मान्यताएं धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित हैं।

1 नवंबर को कब तक रहेगा रवि पुष्य योग?

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 1 नवंबर 2026 को रवि पुष्य योग सुबह लगभग 6:33 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर की सुबह लगभग 4:30 बजे तक रहेगा।

अलग-अलग स्थानों पर पंचांग और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

कैसे करें इस दिन पूजा?

रवि पुष्य योग के अवसर पर श्रद्धालु अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
  • घर में दीपक जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करें।
  • अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य करें।

सुख-समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक

रवि पुष्य योग को भारतीय ज्योतिष परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त है। यह दिन लोगों को सकारात्मक सोच के साथ नई शुरुआत करने और परिवार की खुशहाली की कामना करने का अवसर देता है।

Bharat Superfast की ओर से सभी पाठकों को रवि पुष्य योग की हार्दिक शुभकामनाएं।

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